Monday, 20 April 2015



अगर तुम चाहो तो जहां सारा ,

थाम लो दुनिया का सारा नजारा ,

लहरों से सीख करना इशारा ,

उमंग हो तो दिल मे जग तुम्हारा ,

रंग की मर्जी से हारा जग सारा ,

दुनिया का खेल अजब निराला ,

नील गगन मे है चंद का उजाला ,

चाँदनी को भी तारों का सहारा ,

भोर की किरणों ने हमको जगाया ,

जीवन का खेल हमको बताया ,

कहीं पर खुशियों का मेला लगाया ,

कहीं पर गम का मातम है छाया ,

हो कलियाँ खिली भोर गुनगुनाया ,

फूलों ने हमको हसना सिखाया ,

जलते दिये मे उजाला समाया ,

खुद अंधेरों मे रहकर जीना सिखाया .... 

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