अगर तुम चाहो तो जहां सारा ,
थाम लो दुनिया का सारा नजारा ,
लहरों से सीख करना इशारा ,
उमंग हो तो दिल मे जग तुम्हारा ,
रंग की मर्जी से हारा जग सारा ,
दुनिया का खेल अजब निराला ,
नील गगन मे है चंद का उजाला ,
चाँदनी को भी तारों का सहारा ,
भोर की किरणों ने हमको जगाया ,
जीवन का खेल हमको बताया ,
कहीं पर खुशियों का मेला लगाया ,
कहीं पर गम का मातम है छाया ,
हो कलियाँ खिली भोर गुनगुनाया ,
फूलों ने हमको हसना सिखाया ,
जलते दिये मे उजाला समाया ,
खुद अंधेरों मे रहकर जीना सिखाया ....
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